खगड़िया में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर हमला, राजेंद्र चौक बना ‘जंग का मैदान’, इंस्पेक्टर लहूलुहान, दंडाधिकारी की गाड़ी चकनाचूर, प्रशासन सख्त एक्शन मोड में

  • खगड़िया में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर सुनियोजित हमला — राजेंद्र चौक बना ‘जंग का मैदान’, इंस्पेक्टर लहूलुहान, दंडाधिकारी की गाड़ी चकनाचूर; प्रशासन सख्त एक्शन मोड में

खगड़िया: बिहार के खगड़िया जिले में शुक्रवार देर शाम कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए नगर थाना क्षेत्र के राजेंद्र चौक पर अतिक्रमण हटाने पहुंची जिला प्रशासन की टीम पर उग्र भीड़ ने सुनियोजित और हिंसक हमला बोल दिया। जैसे ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, पहले से जुटे उपद्रवियों ने अचानक मोर्चा संभाल लिया और ईंट, पत्थर व डंडों से ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में पूरा राजेंद्र चौक युद्धक्षेत्र में तब्दील हो गया। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नगर परिषद के एक इंस्पेक्टर सीधे पथराव की चपेट में आ गए। उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं और वे खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़े। इसके अलावा हमलावरों ने सरकारी तंत्र को खुली चुनौती देते हुए एक दंडाधिकारी के वाहन को भी निशाना बनाया और उसकी आगे की विंडस्क्रीन को पूरी तरह चकनाचूर कर दिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मियों में दहशत का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हमला अचानक नहीं बल्कि पूरी तैयारी के साथ किया गया था। उपद्रवियों ने पहले से ईंट-पत्थर इकट्ठा कर रखे थे और जैसे ही प्रशासनिक टीम कार्रवाई के लिए आगे बढ़ी, उन्होंने चारों ओर से घेरकर हमला कर दिया। हमले के दौरान चीख-पुकार, भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिससे कुछ समय के लिए पूरा इलाका थम सा गया। घटना की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस की भारी मौजूदगी देखते ही हमलावर भाग खड़े हुए, जिसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए राजेंद्र चौक से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को हर हाल में पूरा कराया। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और लगातार गश्त जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर SDO धनंजय कुमार और सदर SDPO-1 मुकुल कुमार रंजन खुद दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया और मौके पर मौजूद पुलिस बल को सख्त निर्देश दिए। उनके पहुंचने के बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आई और तनाव कम हुआ, लेकिन इलाके में अब भी भारी पुलिस तैनाती बनी हुई है। घायल इंस्पेक्टर को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। सूत्रों के मुताबिक, उनकी चोटें गंभीर हैं और डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। सदर SDO धनंजय कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम को “सुनियोजित हमला” बताते हुए साफ कहा कि अतिक्रमण दस्ता को निशाना बनाकर पथराव किया गया है। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और अधिकारियों पर हमला करने वाले किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे। सभी उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अब सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर हमलावरों की पहचान में जुट गया है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की जाएगी।
यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश है, बल्कि सीधे-सीधे कानून के राज को चुनौती देने का मामला भी है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस हमले का जवाब कितनी सख्ती और तेजी से देता है।

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