छपरा में 9 हजार की रिश्वत ने उतार दी वर्दी की इज्जत, निगरानी के जाल में फंसा दरोगा

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छपरा: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बार फिर बड़ा शिकंजा कसा है। सारण (छपरा) जिले के डोरीगंज थाना में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक मोहित मोहन को 9,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। निगरानी टीम ने 8 अप्रैल 2026 को यह कार्रवाई की। आरोपी दरोगा अपने ही सरकारी पद का दुरुपयोग कर केस में मदद करने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने जाल बिछाया और सत्यापन के बाद आरोपी को उसके ही ठिकाने से रंगे हाथ पकड़ लिया। शिकायतकर्ता मनु कुमार साह ने बताया कि आरोपी लगातार पैसे की मांग कर रहा था। जैसे ही रिश्वत की रकम सौंपी गई, निगरानी टीम ने तुरंत दबिश देकर दरोगा को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक वसीम फिरोज ने किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए निगरानी कार्यालय लाया गया और आगे की कार्रवाई जारी है। उसे विशेष निगरानी न्यायालय, मुजफ्फरपुर में पेश किया जाएगा।
इसी के साथ निगरानी ब्यूरो ने अपने आंकड़े भी जारी किए हैं, जो सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर पेश करते हैं। वर्ष 2026 में अब तक 41 ट्रैप केस दर्ज हो चुके हैं, जिसमें 34 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं और 12.27 लाख रुपये रिश्वत की राशि बरामद हुई है।
वहीं वर्ष 2025 में 101 ट्रैप केस दर्ज हुए थे, जिसमें 37.80 लाख रुपये की बरामदगी हुई थी। निगरानी विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं—अब भ्रष्टाचारियों की खैर नहीं।

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