बजट से पहले निजी क्षेत्र से सीधा संवाद, टैक्स में राहत और कानूनों में बड़े बदलाव के संकेत; सुशासन पर सरकार का फोकस
रक्सौल / बीरगंज | नेपाल के प्रमुख औद्योगिक शहर बीरगंज में उस वक्त माहौल बेहद गर्म और उम्मीदों से भरा दिखा, जब वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने उद्योगपतियों और व्यवसायियों के साथ सीधा संवाद किया। यह सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि आने वाले आर्थिक बदलावों की ठोस जमीन तैयार करने की पहल मानी जा रही है। बीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में व्यापार जगत के बड़े चेहरे, उद्यमी, नागरिक अगुवा और मीडिया प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे। हर किसी की नजर इस बात पर थी कि सरकार आखिर कारोबार को लेकर क्या बड़ा फैसला लेने जा रही है।
बजट से पहले “ग्राउंड रियलिटी” समझने की कवायद
मंत्री वाग्ले ने साफ किया कि आर्थिक वर्ष 2027-28 के बजट से पहले सरकार जमीनी हकीकत समझना चाहती है।
- उन्होंने कहा—
“नीतियां अब बंद कमरों में नहीं, बल्कि निजी क्षेत्र के सुझावों के आधार पर तय होंगी।”
बीरगंज से संवाद की शुरुआत इस बात का संकेत है कि सरकार व्यापारिक केंद्रों को प्राथमिकता दे रही है।
“ये सिर्फ ट्रेलर है”—बड़े सुधारों का इशारा
मंत्री ने खुलासा किया कि कई पुराने और जटिल कानूनों को तुरंत खत्म किया गया है।
लेकिन असली संदेश इससे भी बड़ा था “ये तो सिर्फ ट्रेलर है, आगे और बड़े आर्थिक सुधार आने वाले हैं।”
इस बयान ने कारोबारियों में नई उम्मीद जगा दी है कि आने वाले समय में सिस्टम और आसान होगा।
भ्रष्टाचार पर सीधा प्रहार
सबसे कड़ा और चर्चित बयान देते हुए मंत्री वाग्ले ने कहा— “अब किसी भी काम के लिए घूस या ‘सेटिंग’ की जरूरत नहीं पड़ेगी।”उन्होंने साफ किया कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर पूरी तरह गंभीर है और सिस्टम को इस तरह बदला जा रहा है, जिससे आम कारोबारी को राहत मिले।
टैक्स में राहत, कानून होंगे आसान
व्यापारियों की सबसे बड़ी मांगों पर बात करते हुए मंत्री ने भरोसा दिलाया- टैक्स का बोझ घटेगा, कानूनी जटिलताएं कम होंगी, व्यापार के लिए सरल और अनुकूल माहौल बनेगा.
उन्होंने कहा कि अब नीतियां कुछ लोगों के फायदे के लिए नहीं, बल्कि व्यापक आर्थिक विकास को ध्यान में रखकर बनाई जाएंगी।
रोजगार में निजी क्षेत्र की भूमिका अहम
मंत्री वाग्ले ने कहा कि रोजगार सृजन में निजी क्षेत्र की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। “सरकार ऐसी नीतियां ला रही है, जिससे उद्योग और व्यापार को कानूनी रूप से प्रोत्साहन मिले और रोजगार बढ़े।”
ड्राई पोर्ट और कस्टम सिस्टम पर भी नजर
कार्यक्रम से पहले मंत्री ने वीरगंज–सिरसिया ड्राई पोर्ट और आईसीपी कस्टम कार्यालय का निरीक्षण किया
उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर कस्टम प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उद्योग जगत के सुझाव सीधे सरकार तक
कार्यक्रम की अध्यक्षता हरि प्रसाद गौतम ने की।
इस दौरान व्यापारियों और संगठनों से मिले सुझावों का विस्तृत संकलन तैयार कर मंत्री को सौंपा गया, ताकि उन्हें आने वाले बजट और नीतियों में शामिल किया जा सके।
क्या संकेत देता है बीरगंज संवाद?
बीरगंज से उठी यह पहल साफ बता रही है कि नेपाल सरकार अब—
✔ निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने
✔ भ्रष्टाचार पर सख्ती
✔ और बड़े आर्थिक सुधार लागू करने
की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
निष्कर्ष:
अगर सरकार अपने इन वादों को जमीन पर उतारने में सफल होती है, तो आने वाले समय में नेपाल का व्यापारिक माहौल पूरी तरह बदल सकता है—जहां पारदर्शिता, सरलता और तेजी नई पहचान बन सकती है।