पत्रकारों को धमकाने वाले थानेदार पर गिरेगी गाज! डीजीपी ने दिए कड़ी जांच के आदेश

  • पत्रकारों को धमकाने वाले थानेदार पर गिरेगी गाज! डीजीपी ने दिए कड़ी जांच के आदेश

पटना: बिहार पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजधानी पटना के नौबतपुर थाना प्रभारी मंजीत ठाकुर पर पत्रकारों के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और खुलेआम धमकी देने के आरोपों ने पुलिस महकमे की छवि को कठघरे में ला खड़ा किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी विनय कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। घटना 1 अप्रैल 2026 की बताई जा रही है, जब सिटी एसपी कार्यालय के बाहर कवरेज के लिए मौजूद पत्रकारों के साथ थाना प्रभारी की तीखी नोकझोंक हुई। आरोप है कि इस दौरान मंजीत ठाकुर ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए न केवल अपशब्दों का प्रयोग किया, बल्कि मीडियाकर्मियों को “देख लेने” जैसी धमकी भी दी। इस घटना के बाद पत्रकारों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। मीडिया जगत से जुड़े लोगों ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए उच्च अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की। मामला तूल पकड़ते ही पुलिस मुख्यालय हरकत में आया। डीजीपी विनय कुमार ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए आईजी स्तर के अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए।
पुलिस विभाग के सूत्रों का कहना है कि वर्दी की आड़ में किसी भी तरह का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच टीम घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की गहन पड़ताल करेगी, जिससे सच्चाई सामने आ सके। डीजीपी ने साफ कर दिया है कि यदि आरोप सही पाए गए, तो संबंधित थानेदार पर कड़ी विभागीय कार्रवाई तय है। फिलहाल इस प्रकरण ने न केवल पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है, बल्कि कानून-व्यवस्था और मीडिया के रिश्तों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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