- ड्यूटी पर जा रहे सेवानिवृत्त फौजी की दर्दनाक मौत, एचपीसीएल प्लांट के पास शव रख परिजनों ने किया सड़क जाम
- बाइक की टक्कर के बाद सड़क पर गिरे रविंद्र पाठक को एचपीसीएल के टैंकर ने कुचला, परिवार में मचा कोहराम; मुआवजे की मांग पर सड़क पर उतरे परिजन
सुगौली। देश की सेवा कर सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहे 58 वर्षीय रविंद्र पाठक की जिंदगी बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में खत्म हो गई। मोतिहारी स्थित अपने आवास से ड्यूटी पर जाने के दौरान हरसिद्धि-छपवा मुख्य मार्ग पर कोबेया पेट्रोल पंप के समीप वह दुर्घटना के शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि पहले उनकी बाइक की दूसरी बाइक से टक्कर हुई, जिसके बाद वह सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान छपवा की ओर से आ रहे एचपीसीएल के एक टैंकर की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक रविंद्र पाठक पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र की चढ़रहिया पंचायत के पाठक टोला, वार्ड नंबर 10 के निवासी थे। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वह पिछले तीन-चार वर्षों से हरसिद्धि थाना क्षेत्र के कोबेया स्थित एचपीसीएल गैस बॉटलिंग प्लांट में गार्ड के पद पर कार्यरत थे। बुधवार को भी वह रोज की तरह अपने काम पर जा रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर से निकले रविंद्र अब कभी वापस नहीं लौटेंगे।
बाइक की टक्कर के बाद टैंकर की चपेट में आए
मिली जानकारी के अनुसार, रविंद्र पाठक मोतिहारी स्थित अपने आवास से बाइक से कोबेया स्थित एचपीसीएल गैस बॉटलिंग प्लांट में ड्यूटी करने जा रहे थे। इसी दौरान छपवा-हरसिद्धि मुख्य मार्ग पर कोबेया पेट्रोल पंप के समीप उनकी बाइक की दूसरी बाइक से टक्कर हो गई। टक्कर के बाद वह सड़क पर गिर पड़े। इसी बीच छपवा की ओर से आ रहा एचपीसीएल का एक टैंकर उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना गंभीर था कि उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सड़क पर हुए इस हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। एक ओर हादसे में जान गंवाने वाले रविंद्र पाठक का शव सड़क पर पड़ा था, तो दूसरी ओर उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वह दोबारा नौकरी कर अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहे थे। ड्यूटी पर जाने के दौरान हुई इस घटना ने परिवार की खुशियां छीन लीं।
एचपीसीएल प्लांट के पास शव रखकर सड़क जाम
हादसे में रविंद्र पाठक की मौत के बाद परिजन उनका शव लेकर एचपीसीएल गैस बॉटलिंग प्लांट के समीप पहुंचे। वहां शव रखकर सड़क जाम कर दिया गया। इस दौरान एक टैंकर को सड़क पर खड़ा कर आवागमन बाधित कर दिया गया। परिजनों की ओर से उचित मुआवजा देने की मांग की जा रही थी। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ देर तक सड़क पर आवागमन प्रभावित रहा। सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई। सुगौली थानाध्यक्ष अनीश कुमार सिंह, हरसिद्धि की डायल 112 पुलिस टीम और हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। अधिकारियों के समझाने के बाद परिजन सड़क जाम हटाने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद सड़क पर आवागमन फिर से चालू हो गया।
सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद गार्ड की नौकरी कर रहे थे रविंद्र
मृतक के चाचा लालबाबू पाठक ने बताया कि रविंद्र पाठक भारतीय सेना में नौकरी करते थे। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद पिछले तीन-चार वर्षों से वह कोबेया स्थित एचपीसीएल गैस बॉटलिंग प्लांट में गार्ड के पद पर काम कर रहे थे। बुधवार को भी वह नियमित रूप से ड्यूटी पर जाने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में हादसे ने उनकी जान ले ली। रविंद्र पाठक तीन भाइयों में एक थे। परिवार में उनकी पत्नी चुनचुन देवी, दो पुत्रियां और एक पुत्र हैं। दोनों पुत्रियों की शादी हो चुकी है, जबकि पुत्र अभी अविवाहित है। परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए सेवानिवृत्ति के बाद भी वह काम कर रहे थे। उनकी अचानक मौत से परिवार के सामने भावनात्मक संकट के साथ भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है।
पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
रविंद्र पाठक की मौत की खबर जैसे ही उनके परिजनों तक पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई। पत्नी चुनचुन देवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लिए यह विश्वास करना मुश्किल हो रहा है कि जो व्यक्ति सुबह ड्यूटी करने के लिए घर से निकला था, वह अब कभी वापस नहीं लौटेगा। सेना में देश की सेवा करने के बाद रविंद्र पाठक अपने परिवार के लिए सहारा बने हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने काम करना जारी रखा था, ताकि परिवार की जरूरतों को पूरा कर सकें। लेकिन एक सड़क हादसे ने परिवार के इस सहारे को छीन लिया। घटना से गांव और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है।
उचित मुआवजे की मांग
हादसे के बाद परिजनों ने उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। इसी मांग को लेकर एचपीसीएल प्लांट के समीप शव रखकर सड़क जाम किया गया था। हालांकि, पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद जाम हटा लिया गया और आवागमन सामान्य हो गया। घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं के बाद प्रभावित परिवारों को मिलने वाली सहायता का सवाल खड़ा कर दिया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दुर्घटना बाइक की टक्कर के बाद रविंद्र पाठक के सड़क पर गिरने और एचपीसीएल के टैंकर की चपेट में आने से हुई। मामले में प्राथमिकी, टैंकर चालक की स्थिति और पुलिस की आगे की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।