फर्जी आरसी और सेल लेटर के सहारे बाइक छुड़ाने पहुंचा युवक, आदापुर पुलिस ने पकड़ा, फाइनेंस कंपनी 2022 में ही ले चुकी थी गाड़ी

  • फर्जी आरसी और सेल लेटर के सहारे बाइक छुड़ाने पहुंचा युवक, आदापुर पुलिस ने पकड़ा, फाइनेंस कंपनी 2022 में ही ले चुकी थी गाड़ी

आदापुर। वाहन जांच के दौरान मिली एक काले रंग की स्प्लेंडर बाइक को छुड़ाने के लिए कथित तौर पर फर्जी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी), फर्जी सेल लेटर और जाली हस्ताक्षर का सहारा लेने का मामला सामने आया है। आदापुर पुलिस की जांच में दस्तावेजों पर संदेह गहराने के बाद जब वाहन मालिक से सत्यापन कराया गया, तो पता चला कि संबंधित बाइक को फाइनेंस कंपनी वर्ष 2022 में ही अपने कब्जे में ले चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने बाइक और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों को जब्त करते हुए प्राथमिकी दर्ज की और आरोपित अरबाज अली को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मिली जानकारी के अनुसार, 4 अक्टूबर 2026 को आदापुर थानाध्यक्ष रूपम कुमारी वाहन जांच कर रही थीं। इसी क्रम में पुलिस को एक काले रंग की स्प्लेंडर बाइक मिली। बाइक के संबंध में मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई भी व्यक्ति उसके स्वामित्व और कागजात के बारे में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद पुलिस बाइक को थाने ले आई और जांच तथा सत्यापन के लिए थाना परिसर में सुरक्षित रख दिया। बाइक की पहचान और उसके स्वामित्व का पता लगाने के दौरान अगले दिन करीब 25 वर्षीय अरबाज अली, पिता भोला मियां, थाने पहुंचा। उसने बाइक पर अपना दावा करते हुए पुलिस के सामने आरसी और सेल लेटर प्रस्तुत किया। हालांकि, दस्तावेजों को देखने के बाद पुलिस को उनकी प्रामाणिकता पर संदेह हुआ। पुलिस ने अरबाज अली को स्पष्ट कर दिया कि संबंधित विक्रेता से कागजात का सत्यापन कराने के बाद ही बाइक छोड़ने पर निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद 12 अक्टूबर 2026 को अरबाज अली कथित वाहन मालिक को साथ लेकर फिर थाने पहुंचा। पुलिस ने वाहन मालिक से पूछताछ कर प्रस्तुत दस्तावेजों का सत्यापन किया। इस दौरान मालिक ने बताया कि संबंधित बाइक को फाइनेंस कंपनी वर्ष 2022 में ही अपने कब्जे में ले चुकी है। वाहन मालिक के बयान और दस्तावेजों की जांच के बाद आरसी, सेल लेटर और हस्ताक्षर के कथित तौर पर फर्जी होने का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार, वाहन को छुड़ाने के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों में कथित फर्जीवाड़ा पाए जाने के बाद बाइक और संबंधित कागजात जब्त कर लिए गए। मामले में विधिवत प्राथमिकी दर्ज करते हुए अरबाज अली को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम में वाहन जांच के दौरान बाइक का संदिग्ध पाया जाना, उसके बाद कागजात लेकर युवक का थाने पहुंचना और सत्यापन के दौरान फाइनेंस कंपनी द्वारा वर्ष 2022 में ही वाहन ले लिए जाने की जानकारी सामने आना अहम कड़ियां रहीं। पुलिस अब मामले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

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