- 70 हजार में नाबालिग को बेचने का आरोप! लखनऊ ले जा रहे थे, रास्ते में खुला राज—दो युवक गिरफ्तार
पिपराकोठी। पूर्वी चंपारण में नाबालिग लड़की की कथित खरीद-फरोख्त का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चकिया की एक महिला पर 70 हजार रुपये में नाबालिग को बेचने का आरोप है। महिला के कथित संपर्क के बाद उत्तर प्रदेश के दो युवक लड़की को लेकर लखनऊ के लिए रवाना हुए। आरोप है कि रास्ते में लड़की को भोजन में नशीला पदार्थ दिया गया, ताकि वह विरोध न कर सके। लेकिन सफर के बीच उसे होश आ गया और पुलिस को देखते ही उसने दौड़कर मदद की गुहार लगायी। पुलिस ने लड़की को सुरक्षित बरामद कर दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।बगिरफ्तार आरोपितों की पहचान उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के सेरामू थाना क्षेत्र के बादशाह नगर निवासी नीरज कुमार (30) और प्रेम सागर (35) के रूप में हुई है। दोनों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में ड्यूटी पर तैनात दरोगा संतोष जायसवाल के आवेदन पर पिपराकोठी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है।
नाबालिग की ‘कीमत’ 70 हजार?
पुलिस जांच में सामने आये आरोपों के अनुसार, चकिया थाना क्षेत्र की महिला ने यूपी के दोनों युवकों से फोन पर संपर्क किया। इसके बाद नाबालिग को उनके साथ भेजा गया। आरोप है कि इसी दौरान 70 हजार रुपये में लड़की का सौदा किया गया। अब पुलिस को यह पता लगाना है कि कथित रकम किसने ली, किसके माध्यम से लेन-देन हुआ और नाबालिग को युवकों के हवाले करने की पूरी योजना किसने बनायी।
नशीला पदार्थ देकर ले जाने का आरोप
लड़की को बस से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में उसे भोजन में नशीला पदार्थ दिया गया। लेकिन नाबालिग को होश आ गया। इसके बाद उसने मौका मिलते ही पुलिस से मदद मांगी। पुलिस की तत्परता से लड़की सुरक्षित बरामद हो गयी और दोनों युवक पकड़ लिये गये। अगर लड़की को रास्ते में पुलिस की मदद नहीं मिलती तो वह कहां पहुंचती और उसके साथ क्या होता, यह अब जांच का गंभीर सवाल है।
माता-पिता गुजरात में, घर पर भाई के साथ रहती थी
नाबालिग के माता-पिता गुजरात में मजदूरी करते हैं। लड़की चकिया थाना क्षेत्र स्थित घर में अपने भाई के साथ रहती थी। उसकी देखरेख चाचा-चाची करते थे। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लड़की तक दोनों यूपी युवक कैसे पहुंचे और उसे घर से बाहर ले जाने में किसकी भूमिका रही।
पूर्व की घटना से भी जुड़ रही जांच की कड़ी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पूर्व में सामने आयी घटना के पहलुओं को भी जांच में शामिल कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं वर्तमान घटना में शामिल लोगों का संपर्क पहले की घटना से तो नहीं है। यदि कोई समान संपर्क, बिचौलिया या अन्य व्यक्ति सामने आता है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
दो युवक जेल में, अब महिला पर शिकंजे की बारी
पिपराकोठी थानाध्यक्ष बृजेश कुमार के अनुसार, नाबालिग की खरीद-फरोख्त के मामले में यूपी के दो युवकों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। जिस महिला पर 70 हजार रुपये में नाबालिग को बेचने का आरोप है, उसकी पहचान और भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस उसके खिलाफ साक्ष्य जुटा रही है। अब इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई बेहद अहम होगी। 70 हजार रुपये की कथित डील से लेकर नाबालिग को लखनऊ ले जाने तक की पूरी कड़ी में कौन-कौन शामिल था, किसने सौदा कराया और पैसे का लेन-देन कहां हुआ—इन सवालों का जवाब जांच में सामने आना बाकी है।
