- एसी फर्स्ट में 75 लीटर शराब बरामदगी: 25 दिन बाद नेहा झा को कोर्ट से जमानत, अब शराब के स्रोत और नेटवर्क की जांच पर नजर
समस्तीपुर। स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास कोच से करीब 75 लीटर विदेशी शराब बरामदगी मामले में जेल में बंद नेहा झा को सोमवार को अदालत से जमानत मिल गयी। जमानत याचिका पर कई तारीखों से सुनवाई टलने के बाद 28 सितंबर को मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी नेहा झा को जमानत प्रदान कर दी। वह करीब 25 दिनों से न्यायिक हिरासत में थी। मामला 3 सितंबर को सामने आया था। नई दिल्ली से जयनगर जा रही ट्रेन संख्या 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के समस्तीपुर जंक्शन पहुंचने पर आरपीएफ, जीआरपी और सीआईबी की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर एसी फर्स्ट क्लास के एच-1 कोच में कार्रवाई की थी। टीम ने एक कूपे की तलाशी ली, जहां से दो सूटकेस में रखी करीब 75 लीटर विदेशी शराब बरामद की गयी। कार्रवाई के दौरान नेहा झा के साथ उसके बहनोई ईशान कुमार को भी गिरफ्तार किया गया था। दोनों को बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जमानत की राह हालांकि आसान नहीं रही। नेहा की ओर से समस्तीपुर विशेष आबकारी न्यायालय में नियमित जमानत याचिका दाखिल की गयी थी। पूर्व में सुनवाई के दौरान केस डायरी उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी थी। इसके बाद 24 सितंबर को वकीलों के न्यायिक कार्य से अलग रहने के कारण सुनवाई टल गयी थी। अदालत ने अगली तारीख 28 सितंबर तय की थी और इसी तारीख को सुनवाई के बाद नेहा को जमानत मिल गयी। जमानत के बाद भी मामले की जांच खत्म नहीं हुई है। मुजफ्फरपुर रेल एसपी के निर्देश पर गठित एसआईटी शराब के स्रोत और कथित सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। पुलिस जब्त मोबाइल की तकनीकी जांच के साथ यह भी पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लायी गयी थी और उसे कहां पहुंचाया जाना था। पुलिस ने शराब को शादी समारोह में ले जाने संबंधी दावे की भी जांच की बात कही है। मामले की शुरुआती जांच में ट्रेन यात्रा को लेकर भी सवाल उठे थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नेहा और ईशान के पास वैध टिकट नहीं होने की बात सामने आयी थी। वहीं, पूछताछ के दौरान शराब को शादी समारोह के लिए ले जाने की बात बताये जाने की भी जानकारी सामने आयी। इन दावों की वास्तविकता जांच का हिस्सा है। इस मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ा क्योंकि एसी फर्स्ट जैसे प्रीमियम कोच में इतनी बड़ी मात्रा में शराब की खेप मिलने से रेल मार्ग से शराब की कथित तस्करी पर सवाल खड़े हुए। हालांकि, अदालत से जमानत मिलना आरोपों से बरी होना नहीं है। शराब बरामदगी और उससे जुड़े आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। मामले में एक और अहम पहलू सोशल मीडिया से जुड़ा रहा। गिरफ्तारी के बाद नेहा झा को लेकर कई तस्वीरें और वीडियो तेजी से प्रसारित हुए। पुलिस ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट और फर्जी सामग्री से सावधान रहने की अपील की थी। कुछ रिपोर्टों में एआई से तैयार फर्जी तस्वीरों और दूसरे लोगों के वीडियो को नेहा से जोड़कर प्रसारित किए जाने की बात भी सामने आयी थी। अब नेहा को अदालत से जमानत मिलने के बाद जांच की दिशा और महत्वपूर्ण हो गयी है। पुलिस के सामने मुख्य सवाल यही हैं कि 75 लीटर शराब की खेप का स्रोत क्या था, इसके पीछे कौन लोग थे और बिहार में इसे कहां पहुंचाया जाना था। इन सवालों के जवाब एसआईटी की जांच और आगे की न्यायिक कार्रवाई से सामने आने की उम्मीद है।
