- मोतिहारी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तान नेटवर्क से कथित संपर्क रखने वाला युवक गिरफ्तार
पूर्वी चंपारण: जिला के ढाका थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई के बाद सीमा पार से संचालित कथित डिजिटल नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की जांच तेज हो गयी है। बिसरहिया गांव से पुलिस ने करीब 22 वर्षीय सेराज आलम को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, उसके पाकिस्तान स्थित आपराधिक और आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोगों के साथ सोशल मीडिया के जरिये संपर्क होने की जानकारी सामने आयी है। गिरफ्तारी के बाद बरामद मोबाइल फोन की सामग्री और उसके डिजिटल संपर्क जांच के केंद्र में हैं। पुलिस के मुताबिक शनिवार की रात गुप्त सूचना मिली थी कि बिसरहिया गांव का एक युवक पाकिस्तान स्थित नेटवर्क से जुड़े लोगों के संपर्क में है। सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए टीम गठित की गयी। ढाका थानाध्यक्ष पु.नि. राजरूप राय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिसरहिया गांव के समीप छापेमारी की। पुलिस वाहन को देखते ही एक युवक भागने लगा। पुलिस बल ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान सेराज आलम, पिता समसुल हक, निवासी बिसरहिया, थाना ढाका के रूप में हुई। तलाशी के दौरान युवक के पास से रेडमी 5जी एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस का दावा है कि मोबाइल की जांच में आतंकी गतिविधियों से संबंधित वीडियो और फोटो के साथ कथित देशविरोधी सामग्री और रील्स मिली हैं। प्रारंभिक पूछताछ और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को यह जानकारी मिलने की बात कही गयी है कि युवक सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े अली गुज्जर के संपर्क में था। अब पुलिस मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और उससे जुड़े डिजिटल संपर्कों की विस्तृत जांच कर रही है। मामले की गंभीरता इस वजह से बढ़ गयी है कि शहजाद भट्टी नेटवर्क को लेकर देश की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां पहले से कार्रवाई कर चुकी हैं। गृह मंत्रालय की 17 अगस्त 2026 की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े मामलों में 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया था, 80 से अधिक एफआईआर और 200 से अधिक गिरफ्तारियों का उल्लेख किया गया था। आधिकारिक विज्ञप्ति में आईईडी, ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और कथित जासूसी में इस्तेमाल सीसीटीवी उपकरणों की बरामदगी का भी उल्लेख है। हालांकि ढाका के इस मामले को लेकर पुलिस की ओर से अभी किसी आतंकी हमले को अंजाम देने, किसी हमले की साजिश रचने अथवा किसी हिंसक घटना में सेराज आलम की प्रत्यक्ष भूमिका का अलग से विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए फिलहाल उपलब्ध तथ्य गिरफ्तारी, मोबाइल बरामदगी और कथित डिजिटल संपर्क की जांच तक सीमित हैं। आगे की तस्वीर मोबाइल की फोरेंसिक जांच, सोशल मीडिया गतिविधियों और पूछताछ से सामने आने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार युवक के डिजिटल संपर्क कितने लोगों तक फैले थे, किन-किन सोशल मीडिया अकाउंट से बातचीत हुई और मोबाइल में मिली कथित सामग्री का स्रोत क्या है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि विदेशी संपर्क महज सोशल मीडिया पर बातचीत तक सीमित था या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन अथवा किसी तरह का आपराधिक टास्क मौजूद था। इन बिंदुओं पर अभी जांच चल रही है। कार्रवाई में सिकरहना एसडीपीओ अभिषेक कुमार, ढाका थानाध्यक्ष पु.नि. राजरूप राय, अपर थानाध्यक्ष पु.अ.नि. मो. खलील तथा डीआईयू मोतिहारी के पु.अ.नि. राहुल कुमार और कृष्णमोहन कुमार समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे। बरामद मोबाइल को पुलिस ने जांच के लिए कब्जे में लिया है। गिरफ्तार युवक के नाम को लेकर भी पुलिस विवरण में अंतर सामने आया है। एक विवरण में सेराज आलम लिखा गया है, जबकि एक अन्य पुलिस-आधारित रिपोर्ट में मो. सेयाज आलम नाम दर्ज है। ऐसे में अंतिम प्रकाशित प्रति में नाम को आधिकारिक गिरफ्तारी रिकॉर्ड से मिलान करना जरूरी होगा। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई ने सीमा क्षेत्र में सोशल मीडिया के जरिये होने वाले संदिग्ध विदेशी संपर्कों की निगरानी और डिजिटल नेटवर्क की जांच को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में शहजाद भट्टी नेटवर्क को लेकर हुई कार्रवाइयों में सोशल मीडिया संपर्क की भूमिका जांच का हिस्सा रही है। 27 सितंबर की एक रिपोर्ट में गुजरात के मामलों का हवाला देते हुए सोशल मीडिया पर संपर्क बनने, निजी बातचीत और कथित तौर पर आगे टास्क देने की कोशिश का विवरण दिया गया है। हालांकि इन राष्ट्रीय स्तर के मामलों में सामने आये पैटर्न को ढाका के गिरफ्तार युवक पर सीधे लागू करना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा। ढाका में हुई गिरफ्तारी के बाद अब निगाह इस बात पर है कि बरामद मोबाइल की डिजिटल जांच में क्या सामने आता है। यदि संपर्कों और सामग्री की पुष्टि होती है तो जांच का दायरा अन्य संदिग्धों और डिजिटल कड़ियों तक बढ़ सकता है। फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तारी और बरामदगी की कार्रवाई की पुष्टि की है तथा मामले में आगे की कानूनी और तकनीकी जांच जारी है।
