- छौड़ादानो में यूरिया का काला खेल! 500 बोरी खाद पकड़ी, छापेमारी होते ही ट्रक छोड़ भागा चालक
छौड़ादानो। सीमावर्ती इलाके में खाद की तस्करी और कालाबाजारी की लगातार मिल रही सूचनाओं के बीच प्रशासन ने गुरुवार की अहले सुबह बड़ी कार्रवाई की। गम्हिरा चौक स्थित उत्तम ट्रेडर्स के गोदाम पर रक्सौल एसडीओ नागमणि कुमार वर्मा के नेतृत्व में कोरैया एसएसबी, दरपा पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर करीब पांच सौ बोरी यूरिया खाद बरामद की। गोदाम में करीब दो सौ बोरी और उसके ठीक बगल में खड़े ट्रक पर करीब तीन सौ बोरी यूरिया लदी मिली। एक ही स्थान पर इतनी बड़ी मात्रा में यूरिया मिलने से सीमावर्ती क्षेत्र में खाद की संभावित तस्करी के लिए भंडारण किए जाने की आशंका गहरा गयी है। प्रशासनिक टीम की कार्रवाई के दौरान सबसे अहम बात यह रही कि छापेमारी की भनक लगते ही ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। टीम ने ट्रक को कब्जे में लेकर उस पर लदी खाद को जब्त कर लिया। चालक के फरार होने से बरामद खाद की खरीद-बिक्री, उसके गंतव्य और ट्रक पर लोड किए जाने के पूरे नेटवर्क को लेकर भी जांच की जा रही है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं थी। बताया गया कि उत्तम ट्रेडर्स बथुअहिंया गांव निवासी प्रमोद यादव की है। प्रशासन को सीमावर्ती इलाके में खाद की तस्करी और कालाबाजारी की सूचना मिल रही थी। इसी सूचना के आधार पर टीम ने गम्हिरा चौक स्थित दुकान के गोदाम और उसके पास खड़े ट्रक की एक साथ जांच की। गोदाम में रखी खाद के अलावा ट्रक पर लदी बड़ी मात्रा में यूरिया मिलने के बाद टीम ने दोनों जगहों से खाद जब्त कर ली। रक्सौल एसडीओ नागमणि कुमार वर्मा और एसएसबी 71वीं बटालियन पिपराकोठी के कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार सिंह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में खाद की तस्करी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गयी। अधिकारियों के अनुसार खाद के भंडारण, खरीद-बिक्री, स्टॉक और संभावित तस्करी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जांच में अनियमितता या तस्करी की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इधर, करीब पांच सौ बोरी यूरिया की बरामदगी ने सीमावर्ती क्षेत्र में खाद की उपलब्धता और इसके अवैध कारोबार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों के लिए निर्धारित खाद आखिर इतनी बड़ी मात्रा में एक जगह कैसे पहुंची और इसे कहां भेजा जाना था, इसकी जांच अब महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशासनिक जांच में स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, खरीद से संबंधित कागजात और ट्रक पर लदी खाद के स्रोत की पड़ताल की जाएगी। इसके बाद ही बरामद खाद के वास्तविक स्रोत और गंतव्य की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। समाचार लिखे जाने तक बरामद खाद की बोरियों की गिनती की प्रक्रिया जारी थी। वहीं, ट्रक चालक के फरार होने के कारण उसकी पहचान और तलाश को लेकर भी कार्रवाई की जा रही थी। मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले में कृषि विभाग का पक्ष जानने के लिए अधिकारियों से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इस कारण कृषि विभाग की ओर से बरामद खाद के स्टॉक और कागजात के संबंध में आधिकारिक पक्ष नहीं मिल सका।