संत रविदास की 650वीं जयंती पर मोतिहारी में गूंजा समरसता का संकल्प, डीएम ने कलश यात्रा को दिखाई हरी झंडी

  • संत रविदास की 650वीं जयंती पर मोतिहारी में गूंजा समरसता का संकल्प, डीएम ने कलश यात्रा को दिखाई हरी झंडी

मोतिहारी। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को पूर्वी चम्पारण जिला मुख्यालय मोतिहारी में समरसता संकल्प अभियान के तहत भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक समरसता, समानता, आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया। मंगलवार को पूर्वाह्न करीब 10 बजे समाहरणालय परिसर से कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कलश यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। समाहरणालय परिसर से शुरू हुई कलश यात्रा निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए दुर्गा मंदिर, कचहरी चौक, प्रेक्षागृह होते हुए बैलखाना के वार्ड संख्या 34 एवं 35 तक पहुंची। यात्रा में शामिल लोगों के बीच उत्साह का माहौल रहा। अभियान के माध्यम से संत रविदास जी के समतामूलक विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज में आपसी सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया गया। कलश यात्रा में नगर निगम, मोतिहारी के उप महापौर लालबाबू गुप्ता की भी सहभागिता रही। इसके अलावा अपर समाहर्त्ता (विभागीय जांच) मो. सिबगतुल्लाह, नजारत उप समाहर्त्ता प्रेमलता, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ज्ञानेश्वर प्रकाश, जिला कल्याण पदाधिकारी संतोष कुमार पांडे समेत जिला प्रशासन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में सदर मोतिहारी, तुरकौलिया एवं कोटवा के प्रखंड कल्याण पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में विकास मित्रों ने भी भाग लिया। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों की सहभागिता से कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप मिला। कलश यात्रा के दौरान सामाजिक एकता और समरसता को मजबूत करने का आह्वान किया गया। समरसता संकल्प अभियान के माध्यम से संत रविदास जी के जीवन, विचारों और सामाजिक संदेश को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। संत रविदास जी ने अपने विचारों के माध्यम से जातीय भेदभाव, ऊंच-नीच और सामाजिक असमानता के विरुद्ध समाज को जागरूक करने का कार्य किया था। उनकी जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उनके विचारों को वर्तमान सामाजिक परिवेश में प्रासंगिक बताते हुए समानता और भाईचारे की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। कलश यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर बैलखाना पहुंची। इस दौरान अभियान से जुड़े लोगों ने सामाजिक विभाजन और भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे के सम्मान एवं सहयोग की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। कार्यक्रम में शामिल पदाधिकारियों ने संत रविदास जी के विचारों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि सामाजिक समरसता केवल किसी एक वर्ग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। आपसी सम्मान, समान अवसर और भाईचारे के माध्यम से ही मजबूत एवं समतामूलक समाज का निर्माण संभव है। समरसता संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कलश यात्रा ने मोतिहारी में सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश दिया। समाहरणालय से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी यात्रा के माध्यम से संत रविदास जी के समानता और मानवता के संदेश को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विकास मित्रों एवं अन्य सहभागियों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सामाजिक समरसता के संकल्प को मजबूत किया।

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