खाद माफियाओं पर सरकार का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: मोतिहारी के DAO पर गिरी गाज, कालाबाजारी रोकने में नाकामी पड़ी भारी; छह उर्वरक दुकानों के लाइसेंस निलंबित, कई रडार पर

  • खाद माफियाओं पर सरकार का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: मोतिहारी के DAO पर गिरी गाज, कालाबाजारी रोकने में नाकामी पड़ी भारी; छह उर्वरक दुकानों के लाइसेंस निलंबित, कई रडार पर

मोतिहारी/पटना। बिहार में खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और किसानों के शोषण के खिलाफ राज्य सरकार ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में उर्वरकों की कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर उन्हें पटना मुख्यालय में योगदान देने का आदेश जारी कर दिया गया है। यह कार्रवाई कृषि विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का सबसे बड़ा संकेत मानी जा रही है। जानकारी के अनुसार संयुक्त कृषि भवन, मोतिहारी में कृषि निदेशक मुकेश कुमार लाल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिले में खाद वितरण व्यवस्था, किसानों की शिकायतों तथा कालाबाजारी की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान सामने आई अनियमितताओं के बाद विभाग ने बिना देर किए कई टीमों का गठन कर जिले के विभिन्न उर्वरक एवं बीज प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी कराई। छापेमारी के दौरान कई दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। कार्रवाई करते हुए छह उर्वरक प्रतिष्ठानों तथा एक बीज एवं कीटनाशी विक्रेता का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं कई अन्य दुकानदारों से जवाब-तलब किया गया है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसी कार्रवाई के क्रम में सबसे बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए मोतिहारी के जिला कृषि पदाधिकारी को पद से हटा दिया गया। उनकी जगह सहायक निदेशक (शस्य) मृणाल शास्त्री को जिला कृषि पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। विभाग का मानना है कि जिले में खाद वितरण व्यवस्था को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने और किसानों को राहत पहुंचाने के लिए यह कदम आवश्यक था। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पूरे जिले में नियमित और सघन छापेमारी अभियान लगातार जारी रखा जाए। किसी भी कीमत पर किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा जमाखोरी, कालाबाजारी और अधिक मूल्य पर बिक्री करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने दो टूक कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। जो भी अधिकारी, दुकानदार या प्रतिष्ठान खाद वितरण में गड़बड़ी, कृत्रिम संकट पैदा करने या किसानों का आर्थिक शोषण करने में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विधिसम्मत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि दोषियों पर सीधे कार्रवाई करके इसका संदेश दिया जा रहा है। सरकार की इस कार्रवाई के बाद पूर्वी चंपारण सहित पूरे राज्य के कृषि विभाग में हलचल तेज हो गई है। उर्वरक व्यवसायियों के बीच भी हड़कंप की स्थिति है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ इसी तरह का अभियान चलाया जाएगा। किसानों को उम्मीद है कि सरकार की इस सख्ती से उन्हें समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध होगी और बिचौलियों तथा कालाबाजारी करने वालों पर प्रभावी अंकुश लगेगा।

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