मासूम से दरिंदगी का अंजाम: दोषी की फांसी बरकरार, हाईकोर्ट के आदेश पर दोबारा सुनवाई के बाद फैसला

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सासाराम। रोहतास के बहुचर्चित 10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने दोषी बलराम सिंह उर्फ बलिराम कुमार सिंह की फांसी की सजा बरकरार रखी है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-7 अरविंद की विशेष अदालत ने पुनः सुनवाई के बाद अपने पूर्व निर्णय को कायम रखते हुए दोषी पर 1.10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि पीड़ित परिवार को पहले ही आठ लाख रुपये का प्रतिकर प्रदान किया जा चुका है। यह मामला 14 नवंबर 2020 का है। अभियोजन के अनुसार, डालमियानगर थाना क्षेत्र के गंगौली गांव निवासी बलराम सिंह पड़ोस की 10 वर्षीय बच्ची को बहाने से अपने घर ले गया। बाद में बच्ची लापता हो गई। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली, जहां से बच्ची का शव बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ पॉक्सो अधिनियम सहित अन्य धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया। मृत बच्ची की दादी के फर्दबयान पर दर्ज प्राथमिकी में कहा गया था कि खोजबीन के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि बच्ची को आखिरी बार आरोपी के साथ उसके घर जाते देखा गया था। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट तथा अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों के आधार पर विशेष पॉक्सो अदालत ने 30 जुलाई 2021 को आरोपी को फांसी की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ दोषी ने पटना हाईकोर्ट में अपील दायर की। पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर मामले की दोबारा सुनवाई विशेष पॉक्सो अदालत में हुई। पुनः सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों को पर्याप्त मानते हुए फांसी की सजा को बरकरार रखा तथा 1.10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत के फैसले के बाद स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष ने इसे न्याय की जीत बताया।

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