कोटवा में यूरिया का बड़ा खेल बेनकाब, 65 बोरी जब्त, दो गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच शुरू

  • कोटवा में यूरिया का बड़ा खेल बेनकाब, 65 बोरी जब्त, दो गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच शुरू

कोटवा (पूर्वी चंपारण)। खरीफ सीजन में किसानों के बीच यूरिया की बढ़ती मांग के बीच पूर्वी चंपारण पुलिस ने अवैध उर्वरक कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कोटवा थाना क्षेत्र से 65 बोरी यूरिया खाद जब्त की है। गुप्त सूचना के आधार पर डुमरा चौक के आगे स्थित एक गोदाम में की गई छापेमारी के दौरान दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जब्त खाद अधिकृत स्टॉक का हिस्सा थी या फिर इसे अवैध भंडारण कर कालाबाजारी के लिए रखा गया था। मामले की जांच अब केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रहकर पूरे आपूर्ति तंत्र और संभावित नेटवर्क की ओर बढ़ गई है। पुलिस के अनुसार सूचना मिली थी कि डुमरा चौक से आगे स्थित रंजय शाह के गोदाम में बड़ी मात्रा में यूरिया खाद जमा कर नियमों के विपरीत उसका भंडारण और बिक्री की जा रही है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने छापेमारी की। तलाशी के दौरान गोदाम से 65 बोरी यूरिया बरामद हुई। मौके पर उपलब्ध अभिलेखों और स्टॉक की स्थिति की जांच के बाद पूरी खेप को जब्त कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान जगती जमुनिया निवासी बाली राय के पुत्र मैनेजर राय तथा धूसूकपुर निवासी राम सुंदर शाह के पुत्र रंजय शाह को गिरफ्तार किया गया। दोनों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि खाद की खेप कहां से लाई गई, उसका परिवहन किस माध्यम से हुआ, भंडारण की अनुमति थी या नहीं तथा उसकी आपूर्ति किन लोगों तक की जानी थी। जांच एजेंसियां जब्त यूरिया से जुड़े खरीद-बिक्री के बिल, स्टॉक रजिस्टर, लाइसेंस, परिवहन दस्तावेज और अन्य अभिलेखों का मिलान कर रही हैं। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं सब्सिडी वाली उर्वरक को कृत्रिम कमी पैदा कर अधिक कीमत पर बेचने की तैयारी तो नहीं थी। यदि जांच में दस्तावेजों में गड़बड़ी या अवैध कारोबार के प्रमाण मिलते हैं तो इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसानों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली उर्वरक की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आवश्यक कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही कृषि विभाग से भी आवश्यक समन्वय स्थापित कर जब्त उर्वरक के रिकॉर्ड का सत्यापन कराया जा रहा है। पूर्वी चंपारण में हाल के दिनों में उर्वरकों की उपलब्धता और कालाबाजारी को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में कोटवा की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ, दस्तावेजों की जांच और सप्लाई चेन की पड़ताल के बाद अवैध उर्वरक कारोबार की कई और कड़ियां सामने आ सकती हैं। यदि जांच में किसी लाइसेंसधारी विक्रेता, आपूर्तिकर्ता या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Comment