फर्जी फेसबुक आईडी से हो रही मानहानि, परिवार ने लगाई न्याय की गुहार

  • फर्जी फेसबुक आईडी से हो रही मानहानि, परिवार ने लगाई न्याय की गुहार, भाई के नाम से सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने का आरोप, साइबर जांच की मांग

सुगौली (पूर्वी चंपारण)। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच साइबर अपराध के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ताजा मामला सुगौली थाना क्षेत्र के नकरदेई उत्तरी मनसिंघा गांव से सामने आया है, जहां एक युवक ने अपने बड़े भाई के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप कर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नकरदेई, उत्तरी मनसिंघा निवासी हाजी मंसूर खान के पुत्र अरवाज खान ने लिखित आवेदन देकर बताया है कि उनके बड़े भाई मुस्ताक खान के नाम से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा फर्जी फेसबुक आईडी संचालित की जा रही है। आरोप है कि उक्त फर्जी आईडी के माध्यम से लगातार ऐसे पोस्ट, टिप्पणियां और सामग्री साझा की जा रही हैं, जिनसे न केवल उनके परिवार की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि समाज में उनकी प्रतिष्ठा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। आवेदन में कहा गया है कि पिछले लगभग एक वर्ष से यह फर्जी फेसबुक अकाउंट सक्रिय है और समय-समय पर ऐसी पोस्ट की जा रही हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। इन पोस्टों के कारण परिवार को सामाजिक स्तर पर असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोग इन पोस्टों को देखकर परिवार के बारे में गलत धारणा बना रहे हैं, जिससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना और अपमान का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि फर्जी आईडी संचालक जानबूझकर उनके परिवार की छवि खराब करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से ऐसी गतिविधियां कर रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित की जा रही सामग्री से परिवार की प्रतिष्ठा पर लगातार आघात पहुंच रहा है और इसका असर उनके सामाजिक संबंधों पर भी पड़ने लगा है। अरवाज खान ने अपने आवेदन में पुलिस से मांग की है कि मामले की साइबर तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाए कि फर्जी आईडी किस व्यक्ति द्वारा संचालित की जा रही है। उन्होंने दोषी की पहचान कर उसके खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अनुरोध किया है कि उक्त फर्जी फेसबुक आईडी को अविलंब बंद कराया जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री का प्रसार न हो सके। बताया जाता है कि आवेदन के साथ फर्जी फेसबुक आईडी से संबंधित स्क्रीनशॉट और अन्य आवश्यक साक्ष्य भी पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं। अब लोगों की नजरें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला साइबर अपराध की गंभीर श्रेणी में माना जाएगा और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है। सोशल मीडिया के इस दौर में फर्जी अकाउंट बनाकर किसी व्यक्ति या परिवार की छवि खराब करने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे मामलों में साइबर जागरूकता और त्वरित पुलिस कार्रवाई ही पीड़ितों को न्याय दिलाने का सबसे प्रभावी माध्यम माना जा रहा है। फिलहाल पीड़ित परिवार प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए है।

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