- मोतिहारी में तीन दशक के आपराधिक इतिहास वाला इनामी अपराधी पहुंचा कोर्ट, पुलिस की घेराबंदी से बचने का नहीं मिला रास्ता
मोतिहारी/चकिया। पूर्वी चंपारण जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे लगातार अभियान का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, लूट और दंगा जैसे गंभीर मामलों में वांछित चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी मोहम्मद आदम तथा उसके सहयोगी मोहम्मद दानिश ने बुधवार को माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस की लगातार छापेमारी, तकनीकी निगरानी और गिरफ्तारी के बढ़ते दबाव को दोनों आरोपियों के आत्मसमर्पण का प्रमुख कारण माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार चकिया थाना कांड संख्या-93/25 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(2), 115(2), 118(1), 109, 352, 351(2) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज है। इस मामले में मोहम्मद आदम को नामजद अभियुक्त बनाया गया था और उसकी गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार चल रहे दोनों आरोपियों ने 17 जून 2026 को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद अग्रिम कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार मोहम्मद आदम का आपराधिक इतिहास तीन दशक से अधिक पुराना है। उसके विरुद्ध पिपराकोठी, तुरकौलिया और चकिया थानों में लूट, बम कांड, आर्म्स एक्ट, मद्यनिषेध, दंगा, हत्या के प्रयास और अवैध हथियार बरामदगी जैसे कई संगीन मामलों में प्राथमिकी दर्ज है। वर्ष 1991 के चर्चित सोना लूट कांड से लेकर हाल के वर्षों में दर्ज कई मामलों में उसका नाम सामने आता रहा है। यही कारण है कि पुलिस उसे क्षेत्र का सक्रिय और आदतन अपराधी मानती रही है। मोहम्मद आदम के विरुद्ध दर्ज मामलों में पिपराकोठी थाना कांड संख्या-01/1991 (सोना लूट), तुरकौलिया थाना कांड संख्या-101/2004 (बम कांड), थाना कांड संख्या-589/2021 (आर्म्स एक्ट), थाना कांड संख्या-209/2021 (मद्यनिषेध), पिपराकोठी थाना कांड संख्या-98/2017 (लूट), तुरकौलिया थाना कांड संख्या-219/2025 (दंगा), पिपराकोठी थाना कांड संख्या-225/2025 (दंगा), चकिया थाना कांड संख्या-93/2025 (हत्या का प्रयास) तथा चकिया थाना कांड संख्या-113/2025 (हथियार बरामदगी) शामिल हैं। वहीं आत्मसमर्पण करने वाले दूसरे आरोपी मोहम्मद दानिश का भी आपराधिक रिकॉर्ड कम गंभीर नहीं है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, हाफ मर्डर और लूट जैसे मामलों में कई प्राथमिकियां दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके विरुद्ध तुरकौलिया थाना कांड संख्या-589/2021, 698/2020 एवं 388/2020 में आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। इसके अलावा थाना कांड संख्या-283/2020 में हत्या के प्रयास, चकिया थाना कांड संख्या-93/2025 एवं 113/2025 तथा पिपराकोठी थाना कांड संख्या-250/2022 में भी उसका नाम आरोपी के रूप में दर्ज है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। संभावित ठिकानों पर छापेमारी, मुखबिर तंत्र की सक्रियता और तकनीकी निगरानी के कारण दोनों आरोपियों पर दबाव लगातार बढ़ रहा था। इसी दबाव के कारण उन्होंने न्यायालय में आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया। मोतिहारी पुलिस द्वारा हाल के महीनों में फरार अपराधियों, वारंटियों और इनामी बदमाशों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत कई अपराधियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कई अन्य ने आत्मसमर्पण किया है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से अपराधियों के बीच कानून का भय बढ़ेगा और जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा कानून से बचने की कोशिश करने वाले किसी भी आरोपी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। दोनों आरोपियों के आत्मसमर्पण के बाद अब उनके विरुद्ध दर्ज मामलों में न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
