- 7 हजार की कीमत पर खत्म हुई फरारी, शराब के काले कारोबार का पुराना खिलाड़ी चढ़ा पुलिस के हत्थे
- फरारी की उल्टी गिनती खत्म: 7 हजार का इनामी शराब कारोबारी आखिरकार पुलिस के जाल में फंसा
- शराब के धंधे से कमाई, फरारी में बिताए दिन… लेकिन आखिरकार पुलिस ने हिसाब बराबर कर दिया
हरसिद्धि। कानून से आंख-मिचौली का खेल आखिर कब तक चलता? वर्षों से पुलिस को चकमा देकर शराब के अवैध कारोबार को हवा देने वाला अशोक सहनी आखिरकार हरसिद्धि पुलिस के शिकंजे में आ ही गया। सात हजार रुपये का इनामी यह आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। दामोवृति गांव निवासी अशोक सहनी का नाम हरसिद्धि इलाके में शराब कारोबार से जुड़े चर्चित आरोपियों में गिना जाता रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2022 से अब तक उसके खिलाफ शराब तस्करी और अवैध कारोबार से जुड़े पांच मामले दर्ज हो चुके हैं। इसके अलावा दो अन्य उत्पाद कांडों में भी वह वांछित था। लगातार फरारी के कारण प्रशासन ने उसकी गिरफ्तारी पर 7 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। बताया जाता है कि पुलिस लगातार उसके ठिकानों पर दबिश दे रही थी, लेकिन हर बार वह गिरफ्तारी से बच निकलता था। इस बार गुप्त सूचना और रणनीतिक कार्रवाई के दम पर पुलिस ने उसे धर दबोचा। गिरफ्तारी के साथ ही वर्षों से चल रही उसकी फरारी पर विराम लग गया। आरोपी के खिलाफ हरसिद्धि थाना कांड संख्या 861/25 और 186/26 में भी कार्रवाई लंबित थी। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से शराब के अवैध नेटवर्क के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं।
थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि शराब कारोबारियों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। जो लोग शराबबंदी कानून को चुनौती देने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है। गिरफ्तार आरोपी को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हरसिद्धि पुलिस की इस कार्रवाई को सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि शराब माफियाओं के लिए चेतावनी माना जा रहा है। संदेश साफ है—फरारी चाहे कितनी भी लंबी हो, कानून की पकड़ से बचना अब मुश्किल है।