मोतिहारी के सीमावर्ती इलाके में सनसनी: महुअवा में किशोरी को सुई चुभोकर बेहोश करने का आरोप, ग्रामीणों ने संदिग्ध युवक को दबोचा

  • मोतिहारी के सीमावर्ती इलाके में सनसनी: महुअवा में किशोरी को सुई चुभोकर बेहोश करने का आरोप, ग्रामीणों ने संदिग्ध युवक को दबोचा

 

छौड़ादानो/राजेश कुमार सिंह: मोतिहारी के सीमावर्ती महुआवा थाना क्षेत्र के धर्मनगर भगड़ी गांव की एक 13 वर्षीया किशोरी को बेहोशी की हालत मे मंगलवार को इलाज के लिए स्थानीय पीएचसी में लाया गया.जहां से डॉक्टर ने प्राथमिक चिकित्सा के बाद बेहोशी की हालत में हीं उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल मोतिहारी रेफर कर दिया.परिजनों का आरोप है कि,एक अज्ञात व्यक्ति ने उसके पैर मे सुई चुभो दिया था.जिससे वह बेहोश हो गई.मामले मे मिली जानकारी के अनुसार के धर्मनगर भगड़ी गांव निवासी धनेश महतो की पौत्री तथा मुकेश महतो की पुत्री सीमा कुमारी मंगलवार की दोपहर के लगभग गांव से सटे बांसवारी की तरफ गई थी.कथित तौर पर इसी बीच एक अपरिचित युवक द्वारा उसके पैर मे सुई चुभो दिया गया.सुई चुभने के बाद डर कर भागी किशोरी अपने घर पहुंची और परिजनों को घटना के सम्बन्ध में बताया.जिसके बाद परिजन और ग्रामीण उक्त व्यक्ति की तलाश करने लगे.इस दौरान वह युवक एक भुसौल मे छुपा हुआ मिला.ग्रामीणों ने उसे पकड़ कर बंधक बना लिया.जिसके बाद घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस उसे थाने ले आई.इधर परिजनों को घटना की जानकारी देने लड़की बेहोश हो गई.आनन-फानन में लोगों ने छौड़ादानो स्थित पीएचसी पहुंचाया.जहां प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.एजाज अहमद ने उसकी चिकित्सा शुरु कर दी.लेकिन किशोरी जब होश में नहीं आई तो बेहतर चिकित्सा के लिए डॉक्टर ने उसे सदर अस्पताल मोतिहारी रेफर कर दिया है.वहीं मामले मे पकड़ा गया युवक नेपाल के हरदिया परशुरामपुर गांव का रहनेवाला बताया जाता.घटना की बाबत पूछे जाने पर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि,लड़की डर कर बेहोश हो गई है.पकड़ा गया युवक तस्कर है.लेकिन पुलिस युवक की पहचान बताने से परहेज कर रही है.लड़की का इलाज करने वाले डॉक्टर का कहना है कि,पैर मे जिस जगह सुई चुभने की बात बतायी जा रही है.परिजनों ने उस जगह पर गोबर लेप दिया था.जिससे सुई का निशान स्पष्ट नहीं हो पाया है.लेकिन बेहोशी की हालत में बेहतर इलाज के लिए पीड़िता को सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है.
वहीं इस घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरु हो गई हैं.लोगो का कहना है कि,पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है और लिपापोती कर मामले को रफा-दफा करना चाहती है.भला किसी को देख कर लड़की डर कर इस कदर कैसे बेहोश हो सकती है कि, इलाज के दौरान भी उसे होश हीं नहीं आए.उनका कहना है कि,पकड़ा गया व्यक्ति अन्तर्राष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह का सदस्य हो सकता है.लड़की को बेहोश करने के बाद सीमा पार अपने अड्डे पर पहुंचा देता.जहां से उसे देह व्यापार की मंडी में भेज दिया जाता.वैसे भी सीमावर्ती क्षेत्र ड्रग्स और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए कुख्यात है.सीमा पर तैनात सुरक्षा तथा तस्करी निरोधी एजेंसियां और पुलिस इस पर लगाम लगाने में असफल रही हैं.

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