- बगहा ट्रेनिंग कैंप में सिपाहियों की कड़ी अग्निपरीक्षा, एसपी डॉ. सौर्य सुमन ने खुद संभाली कमान—लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस का साफ संदेश
बगहा: पश्चिम चंपारण पुलिस महकमे में आज बड़ा और अहम दिन रहा, जब पुलिस अधीक्षक डॉ. सौर्य सुमन ने खुद मैदान में उतरकर एसएसबी 65वीं वाहिनी, बगहा में बुनियादी प्रशिक्षण ले रहे मोतिहारी जिलाबल के प्रशिक्षु सिपाहियों की सत्रांत परीक्षा ली। इस दौरान पूरे कैंप में सख्ती, अनुशासन और जवाबदेही का ऐसा माहौल दिखा, जिसने साफ कर दिया कि अब पुलिसिंग में किसी तरह की ढिलाई की गुंजाइश नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, एसपी ने परीक्षा के हर चरण की गहन मॉनिटरिंग की और जवानों की शारीरिक दक्षता, मानसिक सतर्कता और प्रशिक्षण के स्तर को बारीकी से परखा। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि कमजोर प्रदर्शन या लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान एसपी डॉ. सौर्य सुमन ने अनुदेशकों के साथ विशेष बैठक कर प्रशिक्षण प्रणाली की समीक्षा की और इसे और अधिक आधुनिक, तकनीकी रूप से सक्षम एवं व्यवहारिक बनाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बदलते अपराध के स्वरूप के बीच पुलिस बल को हाईटेक और पूरी तरह तैयार रहना होगा।
नव नियुक्त प्रशिक्षु सिपाहियों को संबोधित करते हुए एसपी ने दो टूक शब्दों में कहा कि “वर्दी सिर्फ ताकत का प्रतीक नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और जिम्मेदारी का सबसे बड़ा दायित्व है।” उन्होंने जवानों को ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता को अपनी पहचान बनाने की सीख दी।
सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रशिक्षण प्रक्रिया को और कड़ा किया जाएगा, जिसमें नियमित मूल्यांकन, फील्ड एक्सरसाइज और आधुनिक तकनीकों का समावेश किया जाएगा। इस पहल का मकसद एक ऐसा पुलिस बल तैयार करना है, जो हर परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम हो।
पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण केंद्र में अनुशासन और गंभीरता का माहौल चरम पर रहा। अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी और सख्त निर्देशों ने यह संकेत दे दिया है कि पश्चिम चंपारण पुलिस अब नई रणनीति और सख्त रवैये के साथ कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के मिशन में जुट चुकी है।