पटना का डॉन’ गिरफ्तार, 21 साल जेल के बाद फिर बना खूंखार नेटवर्क का किंग, STF ने जक्कनपुर से दबोचा

  • पटना में पुलिस का प्रहार—कुख्यात शिव गोप दबोचा, अपराध के साम्राज्य पर चला बुलडोजर

 

पटना: राजधानी पटना में अपराध के काले साम्राज्य पर अब तक का सबसे बड़ा वार हुआ है। टॉप-10 कुख्यात अपराधियों की सूची में शामिल शिव गोप को STF और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने जक्कनपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। यह वही नाम है जिसने 90 के दशक से लेकर अब तक पटना में दहशत, खून और रंगदारी का एक लंबा खेल खड़ा किया। हत्या, लूट, रंगदारी और सुपारी किलिंग के दो दर्जन से ज्यादा मामलों में वांछित शिव गोप सिर्फ एक अपराधी नहीं, बल्कि पूरे क्राइम नेटवर्क का संचालक माना जाता है। पुलिस के अनुसार, उसकी गिरफ्तारी 2018 के एक हत्या कांड में हुई है, लेकिन जांच में कई बड़े राज खुलने की उम्मीद है। सबसे सनसनीखेज कड़ी 28 मार्च 2022 को हुई जेडीयू नेता और दानापुर नगर उपाध्यक्ष दीपक मेहता की कार्बाइन से हत्या है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर में शूटर्स ने कबूल किया था कि जमीन विवाद के चलते शिव गोप और रवि गोप ने 7 लाख की सुपारी देकर इस वारदात को अंजाम दिलवाया। बताया जाता है कि 2024 में दीघा घाट पर एक अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे शिव गोप को STF ने सटीक इनपुट के आधार पर घेराबंदी कर दबोच लिया। 90 के दशक में मीठापुर और आसपास के इलाकों में उसका ऐसा खौफ था कि बिना उसके इशारे के कोई बड़ा अपराध संभव नहीं माना जाता था।
करीब 21 साल जेल में बिताने के बाद भी उसका आतंक खत्म नहीं हुआ। जेल से निकलते ही उसने फिर से शूटरों और अपराधियों का नेटवर्क खड़ा किया, उन्हें आधुनिक हथियार मुहैया कराए और शहर में कार्बाइन जैसे घातक हथियारों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया।
फिलहाल STF और पटना पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी से पटना के अंडरवर्ल्ड की कई परतें खुलेंगी और कई बड़े नाम बेनकाब हो सकते हैं। शहर के अपराध जगत में इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।

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